13 साल पुराने केस में कोर्ट का फैसला आ गया है, क्या लॉरेंस बिश्नोई जेल से बाहर आएंगे ?
गुरुवार को लुधियाना की एक डिस्टिक कोर्ट ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके दो साथियों को 13 साल पुराने फायरिंग के मामले में बरि कर दिया है उनको इसलिए बरि किया गया है क्योंकि उनके खिलाफ उस मामले में कोई सबूत नहीं मिला है |
यह मामला सुनते ही हमारे दिमाग में सबसे बड़ा सवाल यह आता है कि क्या सच में लॉरेंस बिश्नोई जेल से बाहर आ जाएंगे या लॉरेंस बिश्नोई पर चल रहे कुछ और आपराधिक मामले दर्ज है उन मामलों की करवाई की जाएगी और उसे उन मामलों में जेल में ही रहना पड़ेगा | लॉरेंस बिश्नोई का जेल से बाहर आना अभी तक एक सवाल है कि क्या सचमुच लॉरेंस बिश्नोई देर से बाहर आएंगे |
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी नेहा जिंदल की अदालत ने बिश्नोई और उसके दो साथियों को गोली चलाने के केस में बरी कर दिया है क्योंकि उनको उस मामले में लॉरेंस बिश्नोई और उसके दोनों साथियों के खिलाफ सबूत जुटाने में विपक्ष पार्टी नाकामयाब रही , जिसके कारण कोर्ट ने यह फैसला किया है |
आखिर क्या था पूरा मामला

4 / 5 फरवरी की रात को गैंगस्टर और उसके दो साथियों ने सेक्टर 69 में फतेहगढ़ साहिब जिले के मूल निवासी सतेंद्र सिंह पर घर में घुसकर हमला किया | सत्येंद्र चंडीगढ़ के सेक्टर 26 में एक कॉलेज का छात्र था | और वह 69 सेक्टर में अपने दोस्तों के साथ किराए पर रहता था |
अभियोजन पक्ष का दावा क्या था ?
अभियोजन पक्ष ने दावा किया था कि सतू जिस दिन यह मामला हुआ था उस दिन अपने किराए के घर में ही मौजूद था | उस दिन लॉरेंस बिश्नोई और उसके दोनों साथी अचानक से घर पर घुस गए और सत्येंद्र पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया और गोलियां भी चलाई |
इस मामले में गैंगस्टर और उसके साथियों के खिलाफ फैज 8 पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 452 ,506 ,324,148,149 , 336 , और शास्त्र अधिनियम की धारा 25,54 और 59 के तहत स्थानीय पुलिस ने यह मामला दर्ज किया |
