पशु प्रतियोगिता आयोजित की गई गोगामेड़ी मेले में , 100 से ज्यादा पशुपालकों ने करवाया ऊंट का पंजीकरण , झुंझुनू का ऊंट रहा ऊंट नृत्य में प्रथम
जैसा कि हम जानते हैं की गोगामेडी में मेले की धूम है | वहां पर लगभग एक महीना मेला चलता है | गोगा जी के मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी हुई है | गोगामेड़ी मेले में प्रतिदिन लाखों की संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं | वहां पर पुलिस प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं को मेले में परेशानी से बचाने के लिए और सुरक्षा देने के लिए बहुत इंतजाम किए हैं |
गोगामेडी पशु मेले में इस बार पशुओं की संख्या भी बढ़ रही है | पिछले साल राज्य पशुओं की संख्या 3300 थी , लेकिन इस बार 4600 ऊंट – ऊंटनी पहुंच चुके हैं | यहां पर राजस्थान , हरियाणा ,उत्तर प्रदेश , पंजाब, जम्मू कश्मीर सहीत्त अन्य राज्यों से भी लोग अपने ऊंट लेकर पहुंचे हैं |
हनुमानगढ़ पशुपालन विभाग की ओर से गोगामेडी मेला 2024 में बुधवार और गुरुवार को अलग-अलग पशु प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया | गोगामेडी मेले के शुभ अवसर पर पशु मेला को आकर्षित बनाने के लिए और पशुपालकों में पशुओं के प्रति जागरूकता लाने के लिए , पशुपालन डेयरी एवं देवस्थान विभाग मंत्री जोराराम कुमावत ने के द्वारा एजुकेशन निर्देश दिए गए थे |
मजिस्ट्रेट पंकज गढ़वाल और पशुपालन संयुक्त निदेशक डॉक्टर हरीश गुप्ता ने बुधवार और गुरुवार को आयोजित हुई प्रतियोगिताओं के विजेता को मेले में पुरस्कार राशि , प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया और विजेताओं को गंगानगर जिला दूध उत्पादक सहकारी संघ द्वारा पुरस्कार राशि दी गई |
100 से ज्यादा पशुपालकों ने करवाया पंजीकरण

प्रतियोगिता में भाग लेने वाले पशुओं का पंजीकरण 10 सितंबर तक करवाया गया | यह जानकारी संयुक्त निदेशक डॉक्टर हरीश गुप्ता ने दी | इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले पशु – गोवंश ,भैंस वंश , ऊंट और घोड़े को शामिल किया गया | इस प्रतियोगिता में गोवंश में साहीवाल नस्ल की 20 गायो और भैंस वंश में मुर्रा नस्ल की 27 भैंस का पंजीकरण किया गया |
इसके अतिरिक्त निर्धारित समय में ऊंट सवारी प्रतियोगिता में 29 ऊंटो और ऊंट नृत्य प्रतियोगिता में 17 ऊंटो और घोड़ी प्रजनन योग्य प्रतियोगिता में 16 घोड़ियों का पंजीकरण किया गया |
यह मेला 18 सितंबर 2024 तक है
संयुक्त निदेशक पशु पालक विभाग हनुमानगढ़ डॉक्टर हरीश गुप्ता और गोगामेडी कैंप पशु मेला अधिकारी ने बताया कि अबकी बार गोगामेडी पशु मेले का बड़े लेवल पर आयोजन किया जा रहा है ,विभाग ने पशुओं के लिए पेयजल ,छाया और निशुल्क चिकित्सा की सुविधा भी अबकी बार उपलब्ध कराई है | यह मेला 1 महीने तक चलता है | यह मेल 18 दिसंबर 2024 तक है |
