माकन- गहलोत पुरानी कड़वाहट मिटाकर करेंगे अब साथ में काम , प्रीमियम ऑब्जर्वर बनाया हरियाणा चुनाव में; वेणुगोपाल ने जारी किए संदेश
हरियाणा चुनाव में पूर्व सीएम अशोक गहलोत को सीनियर ऑब्जर्वर की जिम्मेदारी बुलाना है दी गई है | अजय माकन और प्रताप सिंह को भी गहलोत के साथ में सीनियर ऑब्जर्वर बनाया गया है | तीनों नेताओं की नियुक्ति कांग्रेस के संगठन महासचिव KC वेणुगोपाल के द्वारा आदेश जारी किए गए हैं |
हरियाणा चुनाव के लिए कल अशोक गहलोत को स्टार प्रचारक बनाया गया था और गहलोत के साथ सचिन पायलट और गोविंद सिंह डोटासरा को भी स्टार प्रचारक बनाया है | 2 दिन में कांग्रेस ने गहलोत को दो जिम्मेदारियां दी है | गहलोत एक लंबे बेड रेस्ट के बाद वापस सक्रिय हुए हैं | अशोक गहलोत को लोकसभा चुनाव के दौरान स्लिप डिस्क की परेशानी हो गई थी जिसके कारण वह मई से बेड रेस्ट पर थे |
माकन – गहलोत की कड़वाहट क्यों बड़ी थी ?

गहलोत से अजय माकन के राजस्थान प्रभारी रहते हुए कड़वाहट बढ़ गई थी | लेकिन फिर बाद में माकन को राजस्थान प्रभारी के पद से हटा दिया गया था | कड़वाहट की असली वजह विधायक दल की बैठक नहीं होने देना था | विधायक दल की बैठक 25 सितंबर 2022 को बुलाने के बाद गहलोत की दल के विधायक बैठक में नहीं पहुंचे थे |
नए विधायक का चुनाव करने का अधिकार हाई कमान पर छोड़ने का प्रस्ताव उपाय नहीं हो सका था | उस समय जयपुर माकन के साथ मल्लिकार्जुन खड़गे भी ऑब्जर्व बनकर आए थे | ऑब्जर्वर बनकर दोनों नेता आधी रात को CM हाउस पर विधायकों का इंतजार कर रहे थे | शांति धारीवाल के बंगले पर बैठकर गहलोत दल के विधायकों ने विधायक दल की बैठक का यह कहकर बहिष्कार कर दिया कि सचिन पायलट को CM बनाना मंजूर नहीं करेंगे |
अजय माकन ने 25 सितंबर की घटना के बाद राजस्थान से दूरी बना ली थी
अजय माकन विधायक दल की बैठक नहीं होने के कारण खड़गे के साथ वापस दिल्ली लौटे थे | शांति धारीवाल , महेश जोशी और धर्मेंद्र राठौर को कांग्रेस के रिपोर्ट देने के बाद नोटिस दिया गया था |
जबकि बाद में कोई कार्रवाई नहीं हुई | माकन ने 25 सितंबर की घटना के बाद राजस्थान से दूरी बना ली | सुखजिंदर सिंह रंधावा को माकन की जगह राजस्थान प्रभारी नियुक्त किया गया था | जब दिसंबर में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान में आई थी|

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